रविदास नगर बस्ती में बुजुर्ग दादी को राशन सहायता
रविदास नगर बस्ती में रहने वाली एक बुजुर्ग दादी के लिए हरबंस कौर जी ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। दादी पिछले एक वर्ष से अकेली रह रही हैं और उनके भरण-पोषण के लिए हर माह नियमित रूप से राशन की व्यवस्था की जा रही है।
पुत्र की मृत्यु के बाद अकेली रह गईं दादी
दादी के बेटे का निधन हो चुका है, जिसके बाद वे पूरी तरह अकेली रह गईं। उम्र और परिस्थितियों के चलते दादी के लिए रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया था।
हर माह राशन से मिली राहत
ऐसे समय में हरबंस कौर जी द्वारा पिछले एक वर्ष से हर माह दादी को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सहयोग से दादी को भोजन की चिंता से राहत मिली है और उनके जीवन में स्थिरता आई है।
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
यह पहल न केवल एक बुजुर्ग महिला के जीवन को सहारा दे रही है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रेरित कर रही है। छोटे-छोटे प्रयास भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
सेवा भाव से संवरता जीवन
हरबंस कौर जी का यह सेवा भाव यह संदेश देता है कि संवेदना और सहयोग से समाज को बेहतर बनाया जा सकता है। दादी के चेहरे पर आई मुस्कान इस पहल की सबसे बड़ी सफलता है।

