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यतीश कुमार माथुर सर की स्मृति में बस्ती फाउंडेशन ने 40 अनाथ बच्चों को साइकिलें भेंट कीं

स्वर्गीय यतीश कुमार माथुर सर की स्मृति में बस्ती फाउंडेशन द्वारा एक भावनात्मक और प्रेरणादायी सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 40 अनाथ बच्चों को साइकिलें और तीन बच्चों को कंप्यूटर प्रदान किए गए, जिससे उनके शिक्षा और भविष्य को नई दिशा मिल सके।

सर्वे के बाद चयनित बच्चों को मिली सहायता
बस्ती फाउंडेशन द्वारा बस्तियों में सर्वे कर जरूरतमंद और योग्य बच्चों का चयन किया गया। इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में इन बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार साइकिलें और कंप्यूटर वितरित किए गए। सहायता पाकर कई बच्चे भावुक हो गए और अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख सके।

शिक्षकों को भी दी गई सर की अंतिम इच्छा के अनुसार भेंट
स्वर्गीय यतीश सर की अंतिम इच्छा के अनुसार बस्तियों में कार्यरत सभी शिक्षकों को भी सम्मान स्वरूप तोहफे प्रदान किए गए। शिक्षकों ने इसे अपने कार्य के प्रति सम्मान और प्रेरणा का स्रोत बताया।

आईआईटी कानपुर के मित्रों और परिवार का योगदान
इस सेवा कार्य में यतीश सर के आईआईटी कानपुर के मित्रों का विशेष योगदान रहा, जिनके सहयोग से साइकिलें और कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम के दौरान सर के पुत्र अश्विन ने अपने पिता से जुड़ी यादों को साझा किया, जिससे माहौल भावुक हो गया।

प्रोजेक्ट लीड और सहयोगकर्ताओं की अहम भूमिका
इस पूरे प्रोजेक्ट का नेतृत्व अनिल झा सर ने किया। कार्यक्रम में डोनेशन ग्रुप और बस्ती फाउंडेशन के कई सदस्यों ने अपने विचार रखे और हरसंभव सहयोग किया। प्रकल्प भैया, विभा गांधी जी, उज्जवल स्वामी और गो वाव संस्था के मनीष सर का विशेष सहयोग रहा।

बच्चियों को मिले वस्त्र, कला से दी गई श्रद्धांजलि
संजीव अग्रवाल सर द्वारा संस्था की बच्चियों को सलवार सूट भेंट किए गए। वहीं संस्था के छात्र राज ने स्वर्गीय यतीश सर की तस्वीर बनाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

अनुभव साझा कर मजबूत हुआ विश्वास
संस्था से जुड़े हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस तरह के प्रयास जरूरतमंद बच्चों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाते हैं। संस्था के सभी शिक्षकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की, जिसके परिणामस्वरूप बच्चों को उनकी सबसे जरूरी चीजें मिल सकीं।

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