मेट्रो के लिए पेड़ों की कटाई पर बच्चों की चिंता, रीगल पर गूंजा प्रकृति बचाने का संदेश

रीगल पर जुटे इंदौर के बच्चे, बयां किया पेड़ों-पक्षियों का दर्द
इंदौर। शहर के रीगल चौराहे पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर आयोजित आंदोलन में बड़ी संख्या में बच्चे और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्य शामिल हुए। बच्चों ने पेड़ों, पक्षियों, नदियों और जलस्रोतों के संरक्षण की आवाज उठाते हुए प्रकृति के लगातार हो रहे विनाश पर सवाल खड़े किए।

बस्ती फाउंडेशन केंद्र के बच्चों ने भी लिया भाग : इस आंदोलन में बस्ती फाउंडेशन के शिक्षा केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों ने भी भाग लिया। बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों के साथ अपनी आवाज बुलंद की और लोगों का ध्यान प्रकृति तथा आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की ओर आकर्षित किया।आंदोलन के दौरान बच्चों ने सवाल उठाया कि पेड़ लगातार क्यों काटे जा रहे हैं और नदियां क्यों दूषित हो रही हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि शहरों में मौजूद कुएं और बावड़ियां क्यों खत्म कर दिए गए और प्राकृतिक संसाधनों का विनाश क्यों किया गया।बच्चों ने कहा कि उन्हें जीने के लिए शुद्ध हवा, स्वच्छ पानी और भोजन चाहिए। यदि आने वाले समय में ये मूलभूत संसाधन ही पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं होंगे तो हमारा भविष्य कैसा होगा, इस पर समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

रीगल पर पेड़ों की कटाई को लेकर जताई चिंता: आंदोलन में रीगल क्षेत्र में मेट्रो परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई का मुद्दा भी उठाया गया। आयोजकों की ओर से दावा किया गया कि मेट्रो के लिए 200 से अधिक पेड़ों की कटाई की बात सामने आई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रीगल क्षेत्र में बड़ी संख्या में पक्षियों का बसेरा है और पेड़ों की कटाई से उनके प्राकृतिक आवास पर असर पड़ सकता है।बच्चों और सामाजिक संस्थाओं ने संदेश दिया कि शहर का विकास जरूरी है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देना चाहिए। पेड़, जलस्रोत और पक्षी शहर के प्राकृतिक पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बच्चों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, पानी और सुरक्षित पर्यावरण बचाने की अपील की।

कई संस्थाओं ने लिया भाग: रीगल पर आयोजित इस आंदोलन में कई सामाजिक संस्थाओं के साथ बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लिया। बच्चों द्वारा उठाए गए सवालों ने पेड़ों की कटाई, जलस्रोतों के संरक्षण, प्रदूषण और पर्यावरण के भविष्य जैसे मुद्दों को सामने रखा।



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